पार्टी की सबसे मजेदार फोटो में आप 'भूत' क्यों बन जाते हैं?
पार्टी की मस्ती भरी फोटो आई, सब मुस्कुरा रहे हैं, लेकिन आपकी आंखें लाल चमक रही हैं! ऐसा लगता है जैसे किसी फिल्म का किरदार हो। लेकिन क्या यह कैमरे की खराबी है? बिल्कुल नहीं। आइए जानते हैं, फ्लैश फोटो में आंखें लाल क्यों दिखती हैं और इसे कैसे रोका जा सकता है।
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10/16/20261 min read


पार्टी की सबसे मजेदार फोटो में आप 'भूत' क्यों बन जाते हैं?
आपके साथ भी ऐसा हुआ होगा। किसी रात की पार्टी, शादी या फैमिली गेट-टुगेदर की फोटो खींची गई। सब कुछ परफेक्ट लग रहा था, लेकिन जब फोटो देखी, तो आंखों की जगह दो चमकते लाल बिंदु नजर आए। दोस्त हंस पड़े, और आपने सोचा, "ये कैमरा ही खराब है!"
पर सच यह है कि इसमें न कैमरे की गलती है, न आपकी आंखों की। यह आपकी आंख की बनावट और रोशनी के बीच होने वाली एक बिल्कुल स्वाभाविक प्रक्रिया है। और इसकी कहानी काफी दिलचस्प है।
आंख के अंदर छुपी है एक "लाल परत"
हमारी आंख के पिछले हिस्से में रेटिना होता है, और उसके ठीक पीछे एक परत होती है जिसे कोरॉइड (Choroid) कहा जाता है। यह परत खून की नलिकाओं से भरी होती है, जो रेटिना को ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाती हैं। इन्हीं रक्त नलिकाओं की वजह से कोरॉइड का रंग लाल होता है।
आमतौर पर हमें अपनी या दूसरों की आंख की पुतली (pupil) काली दिखती है, क्योंकि आंख के अंदर बहुत कम रोशनी पहुंचती है, जैसे किसी अंधेरी गुफा का मुंह। लेकिन जब कैमरे का फ्लैश चमकता है, तो वह तेज रोशनी सीधे आंख के अंदर पहुंचती है और इसी कोरॉइड की लाल सतह से टकराकर वापस लौट आती है। कैमरा यही लौटती हुई लाल रोशनी पकड़ लेता है, और फोटो में आंखें लाल दिखने लगती हैं।
मजे की बात यह है कि रेड-आई कोई गड़बड़ी नहीं है। असल में आप अपनी आंख की उन्हीं रक्त नलिकाओं की झलक देख रहे होते हैं, जिनकी वजह से आप देख पाते हैं।
यह अंधेरे में ही क्यों होता है?
इसका जवाब हमारी पुतली में छुपा है। तेज रोशनी में पुतली सिकुड़ जाती है, ताकि आंख के अंदर ज्यादा रोशनी न पहुंचे। और अंधेरे या कम रोशनी वाले कमरे में पुतली फैल जाती है, ताकि जितनी हो सके उतनी रोशनी अंदर आ सके।
अब सोचिए, पार्टी का हल्की रोशनी वाला माहौल है, आपकी पुतलियां पहले से फैली हुई हैं, और अचानक कैमरे का तेज फ्लैश चमकता है। फ्लैश इतनी तेजी से होता है कि पुतली को सिकुड़ने का वक्त ही नहीं मिलता। नतीजा, ढेर सारी रोशनी अंदर जाती है, पीछे की लाल परत से टकराती है, और बाहर कैमरे तक लौट आती है। रिसर्च में भी पाया गया है कि पुतली जितनी ज्यादा फैली होगी, फोटो में लाल हिस्सा उतना ही बड़ा दिखेगा।
कैमरे की बनावट भी जिम्मेदार है
एक और दिलचस्प वजह है फ्लैश और लेंस की दूरी। रेड-आई तब ज्यादा होती है जब फ्लैश और कैमरे का लेंस एक-दूसरे के बहुत करीब हों। जब फ्लैश, आंख और लेंस के बीच का कोण बहुत छोटा होता है, तो आंख के अंदर से लौटी रोशनी सीधे लेंस में पहुंच जाती है।
यही कारण है कि छोटे कैमरों और मोबाइल फोन में, जहां फ्लैश लेंस के बिल्कुल पास होता है, रेड-आई की संभावना ज्यादा रहती है। बड़े कैमरों में अलग से लगाया गया फ्लैश इस समस्या को काफी हद तक कम कर देता है।
इसे रोकने के आसान तरीके
रेड-आई रिडक्शन मोड: कई कैमरों में यह फीचर होता है। यह असली फोटो खींचने से पहले एक या कई छोटे प्री-फ्लैश चलाता है, जिससे सामने वाले की पुतलियां सिकुड़ जाती हैं और असली फोटो में लाल रंग कम दिखता है।
कमरे में ज्यादा रोशनी: जितनी ज्यादा रोशनी होगी, पुतली उतनी सिकुड़ी रहेगी, और लाल चमक की संभावना उतनी कम होगी।
फ्लैश बंद करें: अगर रोशनी ठीक-ठाक है, तो फ्लैश के बिना फोटो लेना सबसे आसान उपाय है।
डिजिटल करेक्शन: कई कैमरे और फोटो-एडिटिंग ऐप्स रेड-आई को फोटो खींचने के बाद भी ठीक कर देते हैं।
जानवरों की आंखें अलग रंग में क्यों चमकती हैं?
फ्लैश वाली फोटो में इंसानों की आंखें लाल दिखती हैं, पर कुत्ते-बिल्लियों की आंखें अक्सर पीली या हरी चमकती दिखती हैं। यह उनकी आंख की अलग बनावट की वजह से होता है, जो रोशनी को अलग तरीके से परावर्तित करती है।
एक जरूरी बात, जिसे हल्के में न लें
सामान्य रेड-आई दोनों आंखों में एक जैसी दिखती है। लेकिन अगर किसी फ्लैश फोटो में, खासकर किसी बच्चे की, एक आंख लाल की जगह सफेद चमकती दिखे, या बार-बार दोनों आंखों के रंग में अंतर नजर आए, तो इसे नजरअंदाज न करें। इसे "ल्यूकोकोरिया" (leukocoria) कहा जाता है, और यह कभी-कभी आंख की किसी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में बिना देरी किए किसी आंखों के डॉक्टर से जांच करवा लेना ही समझदारी है। हर सफेद चमक बीमारी नहीं होती, लेकिन जांच करवा लेने में कोई नुकसान नहीं।
आखिरी बात
अगली बार जब किसी फोटो में आपकी आंखें लाल चमकती दिखें, तो झुंझलाइए मत। मुस्कुराइए और याद रखिए कि यह आपकी आंख के अंदर की रक्त नलिकाओं की एक छोटी-सी झलक है। फोटो में एक मजेदार किस्सा भी जुड़ गया, और विज्ञान का एक सबक भी।
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Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विश्वसनीय वैज्ञानिक और फोटोग्राफी स्रोतों पर आधारित सामान्य तथ्यों पर आधारित है, लेकिन यह किसी चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। अगर आपको या आपके बच्चे की आंखों में किसी भी तरह की असामान्य चमक, रंग में अंतर या दृष्टि संबंधी समस्या महसूस हो, तो कृपया किसी योग्य नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
AskMeWhy..."जो लाल चमक आपको दिखी, वो आपकी अपनी आंख की कहानी है।"
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